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राष्ट्र की उन्नति में युवा वर्ग मेरूदण्ड के समान होता है इसलिए यह आवश्यक है कि उसे शिक्षित, संस्कारित और स्वावलम्बी बनाया जाए जिससे वह अपनी उन्नति के साथ राष्ट्र की उन्नति में अपना अहम योगदान दे सके।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह निश्चित किया गया है कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के बालक/बालिकाओं को वर्तमान व भविष्य की चुनौतियों का सामना करते हुए स्वनिर्माण स्वावलम्बी बनाकर श्रेष्ठ नागरिक बनाना। क्योंकि हमारे प्राचीन ऋषियों पवित्र ग्रन्थों के माध्यम से प्रेरणा दी है और जीवन के लक्ष्य को निर्धारित करते हुए मूल मंत्र दिया है कि ”कृण्वन्तो विष्वमार्यम्“ (समस्त विश्व को श्रेष्ठ बनाओ), ”सर्वे भवन्तु सुखिनः“ (सभी सुखी हों) के उद्देश्य के लिए यह भी आवश्यक है कि समाज में शिक्षा से लेकर रोजगार, संस्कृति विज्ञान, अर्थशास्त्र व राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में युवाओं के सर्वाङीण विकास के साथ आधुनिक संसाधनों के माध्यम से जिसमें सरकारी व सामाजिक योजनाओं का भी लाभ प्रदान करके उन्हें उत्तम राष्ट्र हेतु उत्तम नागरिक बनाना जिससे वे स्व उन्नति के साथ राष्ट्रहित में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें सकें ।

आचार्य प्राज्ञदेव ”वि़द्याभास्कर“
( अध्यक्ष )
जीनियस एजूकेशनल सोशल वैलफेयर सोसायटी